Sunday, August 14, 2022
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कोविड प्रोटोकाल के लिए स्कूली बच्चों व लोगों को करें जागरुक – सीएम योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर बुधवार को कोविड प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्‍होंने मास्क लगाने के साथ स्कूलों में बच्चों और लोगों को कोविड प्रोटोकाल के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राज्यों में कोविड के केस में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एनसीआर के जिलों में भी इसका प्रभाव है। पिछले 24 घंटे में गौतमबुद्ध नगर में 103 और गाजियाबाद में 33 नए पाजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। एनसीआर के जिलों तथा लखनऊ में सभी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। लोगों को कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन के लिए जागरूक किया जाए। 

बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हमें सतर्क रहना होगा। इसी के साथ स्कूलों में कोविड प्रोटोकाल का बारे में बच्चों को जागरूक किया जाए। एनसीआर के जनपदों (गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत) तथा लखनऊ जनपद में टीकाकरण से छूटे लोगों को चिन्हित कर वैक्सीनेट किया जाए।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाए। प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 856 है। प‍िछले 24 घंटों में 01 लाख 13 हजार कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 170 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 110 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। हमें पूरी सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी।

कोविड टीकाकरण अभियान की प्रगति संतोषप्रद है। किंतु बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 30 करोड़ 86 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18+ आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि 86.69 प्रतिशत से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 94.26 प्रतिशत किशोरों को पहली खुराक मिल चुकी है।

12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को पहली डोज के बाद अब पात्रता के अनुसार दूसरी डोज भी दी जाए। 18+ आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगाए जाने में तेजी की अपेक्षा है। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी नागरिक टीकाकरण से वंचित न रहे। बूस्टर डोज की महत्ता और बूस्टर टीकाकरण केंद्रों के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए।

काशी पहुंचे मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्‍नाथ का हुआ भव्‍य स्‍वागत

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वाराणसी। मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ अपने 17 सदस्यीय दल के साथ तीन दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंच चुके हैं।  अहमदाबाद से स्पाइसजेट के विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पर शाम 6:10 बजे उतरे। एयरपोर्ट पर मॉरिशस के प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, भाजपा नेता शैलेश पांडेय, एयरपोर्ट निदेशक आर्यमा सान्याल,आईजी, डीआईजी, कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने उनकी अगवानी की। इस मौके पर एसडीएम पिंडरा, मेयर मृदुला जायवला, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।

एयरपोर्ट से मॉरीशस के पीएम का काफिला नदेसर स्थित होटल के लिए रवाना हो गया। रास्ते में जगह-जगह  स्कूली बच्चे भारत और मॉरिशस के ध्वज के साथ अभिनंदन के लिए सड़क किनारे खड़े हैं। वहीं कई स्थानों पर लोक कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति की। सड़क किनारे कई स्थानों पर वेलकम पोस्टर लगाए गए हैं। मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ आज किसी विशेष कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।

सीएम योगी ने पुरोहित कल्‍याण बोर्ड गठित करने का दिया आदेश

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 बुजुर्ग संतों, पुजारियों व पुरोहितों के हित में बड़ा कदम उठाने जा रही है। भाजपा के लोक कल्याण संकल्प के वादे के अनुरूप सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पुरोहित कल्याण बोर्ड गठित करने का आदेश दे दिया है।

इसी प्रकार ईको एंड रूरल टूरिज्म और सभी 75 जिलों में पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन किया जाए।सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि आगामी 100 दिनों के भीतर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली का विकास किया जाना चाहिए।

जिसमें मंदिरों का विवरण, इतिहास, रूट मैप की जानकारी हो! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रिपरिषद के समक्ष धर्मार्थ कार्य, पर्यटन, संस्कृति व भाषा विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुतिकरण देखा और दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 21वीं सदी में भारत में सांस्कृतिक नवजागरण हो रहा है। 

प्रदेश की अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित, संवर्धित एवं लोकप्रिय बनाते हुए राज्य को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में प्रतिष्ठित करने का हमारा प्रयास है।

आंखों की थकान दूर करने के लिए फॉलो करें ये ईजी टिप्स

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नई दिल्ली।लंबे समय तक लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन पर नजर गड़ाकर काम करने से आंखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खासकर रात के समय में मोबाइल से निकलने वाली ब्लू रोशनी आंखों के लिए बेहद नुकसानदेह होती है। इससे आंखों में जलन, थकान, खुजली, सूखापन आदि परेशानी होती है।

विशेषज्ञों की मानें तो लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन पर काम करने से ब्लिंक दर कम हो जाती है। साथ ही आई स्ट्रेन की शिकायत बढ़ जाती है। इस स्थिति में आंखों में जलन होने लगती है और चीजें धुंधली दिखने लगती हैं। अगर आप भी आंखों की थकान और जलन से परेशान हैं और इनसे निजात पाना चाहते हैं, तो ये ईजी टिप्स जरूर फॉलो करें। आइए जानते हैं-

डिस्टेंस मेंटेन करें

लैपटॉप और मोबाइल चलाते समय आंखों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन को कम से कम 25 इंच जरूर दूर रखें। इससे आंखों पर कम दबाव पड़ता है।

20-20 रूल फॉलो करें

जब आप काम करें, तो 20 फ़ीट दूर वस्तु को देखें। तकरीबन 20 सेकेंड तक वस्तु पर अपनी नजर रखें। अब नजर हटाकर दूसरी चीज को देखें और फिर पहली वस्तु को 20 सेकेंड तक देखें। इस एक्सरसाइज को रोजाना करें।

ब्राइटनेस संतुलित करें

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग ब्राइटनेस बढ़ाकर या नाईट मोड में मोबाइल या लैपटॉप देखते हैं। इससे आंखों पर दबाव पड़ता है। इसके लिए ब्राइटनेस संतुलित करें।

ह्यूमिडिफायर का यूज करें

अगर आप लंबे समय से आंखों की समस्या से परेशान हैं, तो ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल जरूर करें। इससे आंखों के सूखेपन में आराम मिलता है। बाजार में ह्यूमिडिफायर उपलब्ध हैं। आप ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते हैं।

आई ड्राप का यूज करें

आंखों की थकान को दूर करने के लिए आप आई ड्राप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यूज करने से पहले आंखों के डॉक्टर से जरूर सलाह लें। इसके बाद ही यूज करें।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लू से बचाव के लिए जारी की गाइडलाइन

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Asian woman having problem sunburn ,melasma, freckles on skin, hand cover her face to protect UV sunlight

देवरिया- अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नागेंद्र कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लू से बचाव हेतु गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लू से जन-हानि भी हो सकती है। इसके असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मानवीय क्षति की रोकथाम के लिए विशेष सावधानियां बरते।

कड़ी धूप में बाहर न निकले, खासकर दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक के बीच में। जितनी बार हो सके पानी पिये, प्यास न लगे तो भी पानी पिये। हल्के रंग के ढीले ढीले सूती कपड़े पहने। धूप से बचने के लिए गमछा टोपी, छाता, धूप का चश्मा,जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें।

सफर में अपने साथ पानी रखें। शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल न करें, यह शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करे और गीले कपड़े को अपने चेहरे सिर और गर्दन पर रखे। अगर आपकी तबियत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। घर में बना पेय पदार्थ जैसे कि लस्सी, नमक चीनी का घोल, नींबू पानी, छांछ,आम का पना इत्यादि का सेवन करें ।

जानवरों को छाव में रखें और उसे खूब पानी पीने को दें। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे शटर आदि का इस्तेमाल करें। रात में खुली रखें। फैन,ढीले कपड़े उपयोग करें। ठंड़े पानी से बार-बार नहाएं।अपर जिलाधिकारी ने बताया कि धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें।खाना बनाते समय कमरे के दरवाजे के खिड़की एवं दरवाजे खुले रखें जिससे हवा का आना जाना बना रहे।

नशीले पदार्थ, शराब तथा अल्कोहल के सेवन से बचे। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें। बासी भोजन न करें। खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमीनियम पन्नी इत्यादि से ढक कर रखें ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएँ आती है,काले पर्दे लगाकर रखना चाहिए।

स्थानीय मौसम के पूर्वनुमान को सुने और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहे । आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। बच्चों व पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़े। जहाँ तक संभव हो घर में ही रहे तथा सूर्य के सम्पर्क से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहाँ तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहे। संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें।घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढक कर रखें।

पूर्वांचल में गर्मी का रिकार्ड: वाराणसी में पारा 45 डिग्री पार

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वाराणसी । मौसम विभाग ने पूर्व में ही वाराणसी में हीट वेव की सक्रियता का अंदेशा जताया था। लेकिन, हीट वेव का असर कुछ इस कदर मौसम पर हावी हुआ कि तापमान सीजन में पहली बार सर्वाधिक 45 डिग्री को पार कर गया। गर्मियों में यह अब तक सबसे अधिक सीजन का तापमान होने की वजह से लोगों को सेहत की चुनौती भी व्‍यापक स्‍तर पर झेलनी पड़ी।

सोमवार की सुबह नौ बजे के बाद ही मानो आसमान से सूरज की रोशनी आंच की बारिश करती नजर आ रही थी। तापमान में कमी की संभावनाओं की बाट जोह रहे लोगों को लोकल हीटिंग ने खूब छकाया और आर्द्रता भी इस दौरान न्‍यूनतम होने की वजह से बादलों की सक्रियता भी कुंद पड़ती चली गई।

इस लिहाज से आसमान से आंच की बारिश ने नया रिकार्ड बना दिया है सोमवार को सीजन का सबसे ग‍र्म दिन 45.2 डिग्री के साथ दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। वहीं न्‍यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। आर्द्रता अधिकतम 22 फीसद और न्‍यूनतम 10 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में बादलों की सक्रियता शून्‍य है। जबकि तापमान में कमी के संकेत अगले 24 घंटों तक कम ही है।

दूसरी ओर पाकिस्‍तान तक पश्चिमी विक्षोभ का असर पहुंच चुका है। अगर पछुआ हवाओं का जोर चला तो पूर्वांचल में बादलों की सक्रियता का रुख भी हो सकता है। सीजन में पहली बार पारे ने 45 डिग्री को पार किया है। दो डिग्री और पार करने का अर्थ नया रिकार्ड बन जाना है। इस लिहाज से तापमान में यह इजाफा सेहत को भी चुनौती देता नजर आ रहा है।

मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि हीट वेव की सक्रियता की वजह से ही मौसम का यह हाल हुआ है। अगर पश्चिम से बादलों की सक्रियता का असर चौबीस घंटों में नहीं हुआ तो पूर्वांचल में मंगलवार को भी आसमान से दिन भर आंच की बारिश होती नजर आएगी।

इसके पूर्व 20 अप्रैल 2010 को 45.3 डिग्री तापमान रहा है और 30 अप्रैल 2019 को अधिकतम 45.5 डिग्री का तापमान दर्ज किया गया था। इस लिहाज से 18 अप्रैल 2022 का दिन वाराणसी के इतिहास में अप्रैल माह का सबसे सबसे गर्म शुरुआती दिन के तौर पर दर्ज हो गया है।

प्रापर्टी के विवाद में पुत्र और बहू ने लाठी-डंडे से पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट

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बलिया। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के चोरकैंड गांव में मंगलवार की मध्य रात्रि बेटे और बहू ने लाठी डंडे से पीटकर पिता को जख्मी कर दिया। उसे अस्पताल ले जाया गया, बुधवार को दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा कायम किया है।

बहू को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि घटना के बाद बेटा फरार हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। घटना का कारण प्रापर्टी का विवाद सामने आया है। चोरकैंड निवासी रामजन्म राजभर (67) देर रात अपने घर के बाद बैठे थे। इसी बीच उनके बेटे प्रमोद और बहू शांति देवी ने हमला कर दिया। लाठी-डंडे से उन्हें पीटने लगे, इसके चलते वह घायल हो गए।

चीख-पुकार सुनकर दूसरा बेटा अशोक का परिवार बचाने के लिए आगे बढ़ा तो उन्हें भी पीट दिया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो कोतवाल राजीव मिश्र मौके पर पहुंचे। स्वजन रामजन्म को बांसडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान रामजन्म की मौत हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक रामजन्म के तीन पुत्र अशोक, प्रमोद और विनोद हैं। ग्रामीणों के अनुसार रामजन्म अशोक के परिवार के साथ ही रहते थे। प्रमोद व अन्य परिवार को वह कुछ देते नहीं थे। कुछ दिनों पहले ही रामजन्म ने अपने गांव की जमीन बेची थी, जिसका सारा रुपया अशोक को दिया। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

प्रमोद और उसकी पत्नी शांति देवी रामजन्म से अपने हिस्से का रुपया मांग रहे थे। इसको लेकर काफी विवाद चल रहा था। कोतवाल राजीव मिश्र ने बताया कि रामजन्म के नाती अंकित राजभर की तहरीर पर प्रमोद व शांति देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शांति देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित बेटा प्रमोद घर से फरार है। गांव में सुरक्षा को देखते ही रात से ही पुलिस व पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई है।